जानिये : options trading क्या है, options trading करना सीखे हिंदी में 2023

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Option trading kya hai in hindi 2023

options trading kya hai in hindi:- हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सब।, यदि आप लोग options trading के बारे में जानना चाहते हैं तो आप लोग हमारी पोस्ट पर आए हैं तो आप सही जगह पर आए हैं यहां पर आपको बताया जा रहा है ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे सीखें ऑप्शन ट्रेडिंग के नियम तथा ऑप्शन ट्रेंडिंग से पैसा कैसे कमाए यह सभी के बारे में आपको विस्तार से बताने वाला हूं आप लोग इस पोस्ट पर बनी रहे यदि आप लोग पैसा कमाना चाहते हैं क्योंकि आज के समय में कम समय में ज्यादा पैसा कमाना लोग पसंद करते हैं। इसलिए यह पोस्ट आप लोगों के लिए बनाया गया है।

यदि आप लोग गूगल पर प्रश्न करते होंगे शेयर मार्केट में पैसा कैसे कमाए या फिर ऑप्शन ट्रेडिंग से पैसा कैसे कमाए अक्सर प्रश्न करते रहते हैं और उन कमेंट में भी आते हैं इसीलिए यह पोस्ट आप लोगों के बीच शेयर कर रहा हूं ताकि आप लोग सीख पाए तथा कम समय में ज्यादा पैसा कमा पाए इसके लिए आपको इस पोस्ट को स्टेप बाय स्टेप पूरा पढ़ना होगा आप समझ पाएंगे तथा कम समय में ज्यादा पैसा कमा सकते हैं तो आइए आपको ले चलता हूं सबसे पहला ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है।

ऑप्शन ट्रेडिंग क्या है, option trading in hindi

ऑप्शन्स ट्रेडिंग, जिसे हिंदी में “विकल्प व्यापार” भी कहा जाता है, एक वित्तीय रणनीति है जिसमें विभिन्न आधारभूत संपत्तियों, जैसे कि स्टॉक, कमोडिटीज़, मुद्रा या सूचकांक, पर ऑप्शन समझौतों की खरीदारी और बिक्री होती है।

ऑप्शन एक समझौता है जो धारक को निर्धारित मूल्य (जिसे स्ट्राइक मूल्य कहा जाता है) पर निर्धारित समयावधि के भीतर आधारभूत संपत्ति की खरीदारी या बिक्री करने का अधिकार देता है, लेकिन अनिवार्यता नहीं। दो प्रकार के ऑप्शन होते हैं:

  1. कॉल ऑप्शन: कॉल ऑप्शन धारक को निर्धारित मूल्य (स्ट्राइक मूल्य) पर निर्धारित समय सीमा से पहले आधारभूत संपत्ति खरीदने का अधिकार देता है।
  2. पुट ऑप्शन: पुट ऑप्शन धारक को निर्धारित मूल्य (स्ट्राइक मूल्य) पर निर्धारित समय सीमा से पहले आधारभूत संपत्ति बेचने का अधिकार देता है।

ऑप्शन्स ट्रेडिंग लाभांशप्रदता और समय सीमा समेत कई लाभ प्रदान करती है, लेकिन यह वित्तीय विपणन में अधिक मार्जिन और उच्च निवेश का एक अधिक उच्च स्तर है। इसलिए, ऑप्शन्स ट्रेडिंग को समझने और प्रैक्टिस करने से पहले यथार्थवादी जानकारी और विपणन समझ बहुत महत्वपूर्ण होता है।

ऑप्शन ट्रेडिंग के क्या नियम हैं, Rule of option trading

ऑप्शन्स ट्रेडिंग के कुछ महत्वपूर्ण नियम निम्नलिखित हो सकते हैं:

  1. ऑप्शन की Buying and selling: आप ऑप्शन्स खरीदने और बेचने के लिए बाजार में सक्रिय होना चाहिए। आप खरीदने के लिए कॉल या पुट ऑप्शन खरीद सकते हैं और बेचने के लिए आप खरीदे गए ऑप्शन को बेच सकते हैं।
  2. strike price: ऑप्शन के एक महत्वपूर्ण तत्व है स्ट्राइक मूल्य, जो ऑप्शन समझौते में समझौते की कीमत को दर्शाता है। स्ट्राइक मूल्य से ज्यादा या कम मूल्य पर ऑप्शन की खरीदारी और बिक्री की जा सकती है।
  3. Duration: ऑप्शन की संदिग्ध अवधि निर्धारित होती है, जिसके अंतर्गत आपको ऑप्शन का उपयोग करना होता है। एक ऑप्शन की सामान्य अवधि तीन महीने होती है, लेकिन इसे छोटा या बड़ा किया जा सकता है।
  4. margin: ऑप्शन्स ट्रेडिंग में आपको मार्जिन रखने की आवश्यकता होती है, जो न्यूनतम पूंजी राशि होती है जो आपको खरीदारी या बिक्री के लिए जमा करनी होती है। मार्जिन दर स्वाभाविक रूप से आधार संपत्ति के आधार पर निर्धारित की जाती है।
  5. Volatility: ऑप्शन्स मार्केट वोलेटिलिटी (तेजी-मंदी) के आधार पर निर्भर करता है। वोलेटिलिटी की मात्रा ज्यादा होने पर ऑप्शन्स की कीमतें उच्च होती हैं, जबकि कम वोलेटिलिटी की स्थिति में ऑप्शन्स की कीमतें कम होती हैं।
  6. marketing knowledge: ऑप्शन्स ट्रेडिंग में सफलता प्राप्त करने के लिए विपणन ज्ञान और विपणन के मूल तत्वों की समझ आवश्यक होती है। विपणन के अच्छे समझ और विश्लेषण के आधार पर ही निवेश करना चाहिए।

ऑप्शन ट्रेडिंग कैसे सीखें

ऑप्शन्स ट्रेडिंग सीखने के लिए निम्नलिखित कदमों का पालन करें:

  • अध्ययन करें: ऑप्शन्स ट्रेडिंग के बारे में समग्र ज्ञान प्राप्त करने के लिए पुस्तकें, आर्टिकल्स, और वेबसाइट्स का अध्ययन करें। इससे आप ऑप्शन्स ट्रेडिंग के मूल तत्वों, रणनीतियों, रिस्क-मैनेजमेंट तक की समझ प्राप्त कर सकते हैं।
  • वेबिनार और कोर्सेज: आप ऑप्शन्स ट्रेडिंग के बारे में ऑनलाइन वेबिनार, वीडियो कोर्सेज, या संबंधित प्रशिक्षण प्रोग्रामों में भाग ले सकते हैं। ये कोर्सेज आपको व्यापारी के द्वारा व्याख्यात किए जाने वाले तकनीकों और रणनीतियों के बारे में समझाएंगे।
  • व्यापारिक प्रैक्टिस करें: व्यापारिक प्रैक्टिस के लिए विज्ञापनीय खाता खोलें जहां आप वास्तविक वित्तीय बाजार के एक वार्चुअल माहौल में ऑप्शन्स ट्रेडिंग कर सकेंगे। यह आपको अनुभव प्राप्त करने और विभिन्न रणनीतियों का परीक्षण करने में मदद करेगा।
  • विपणन तकनीकों का अध्ययन करें: टेक्निकल एनालिसिस और विपणन तकनीकों के बारे में अध्ययन करें, जैसे कि चार्ट पठन, ट्रेंड लाइन्स, इंडिकेटर्स, और अन्य टेक्निकल टूल्स। ये तकनीकें आपको मूल्य संकेतों और विपणन निर्णयों को समझने में मदद करेंगी।
  • विपणन समुदाय से जुड़ें: विपणन समुदाय के साथ जुड़ना, ऑनलाइन फोरम, समुदायिक समूहों, और सोशल मीडिया ग्रुप्स में सक्रिय रहना आपको बाजार के अपडेट, अनुभवों के साझा करने, और शिक्षा प्राप्त करने में मदद करेगा।
  • सतर्क रहें और निवेश करें: ऑप्शन्स ट्रेडिंग एक उच्च निवेश का रिस्क प्राप्त करने वाली रणनीति है, इसलिए सतर्क रहें और विपणन में निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और रिस्क प्रोफाइल का मूल्यांकन करें। धीरज और निपुणता के साथ निवेश करें।
ऑप्शन ट्रेडिंग में कितना चार्ज लगता है

ऑप्शन्स ट्रेडिंग में लगने वाले शुल्क विभिन्न प्रकार के हो सकते हैं और इनकी गणना वित्तीय ब्रोकर या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म द्वारा की जाती है। ये शुल्क निम्नलिखित तत्वों पर निर्भर करते हैं:

  1. ब्रोकरेज शुल्क: आपके वित्तीय ब्रोकर द्वारा ऑप्शन्स ट्रेडिंग के लिए ब्रोकरेज शुल्क लिया जाता है। यह शुल्क खरीदारी और बिक्री के ट्रांजैक्शन पर लगता है और सामान्यतः प्रति लॉट या ट्रेड के आधार पर निर्धारित किया जाता है। इसकी मात्रा ब्रोकर कंपनी, खाता प्रकार, और ट्रेडिंग वॉल्यूम पर निर्भर करती है।
  2. संकेतक शुल्क: कुछ ब्रोकर या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संकेतक शुल्क भी ले सकते हैं, जो ट्रेडिंग से जुड़ी अद्यतन, चार्ट, और अन्य एक्सेस की सुविधा के लिए होता है।
  3. व्यापारिक शुल्क: व्यापारिक शुल्क एक ऑप्शन ट्रेड के लिए द्विदेशीय और/या ग्रीक ऑप्शन पर लगता है। इसे ऑप्शन की मूल्य या ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट की मात्रा के आधार पर निर्धारित किया जाता है।

शुल्क की विवरण और मात्रा ब्रोकर कंपनी और आपके व्यक्तिगत खाते की नीतियों पर भी निर्भर करेगा। इसलिए, आपको अपने ब्रोकर या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के साथ संपर्क करके उनके शुल्क और नियमों के बारे में स्पष्टीकरण प्राप्त करना चाहिए।

ऑप्शन ट्रेडिंग से पैसा कैसे कमाए, options trading se paisa kaise kamaye

ऑप्शन्स ट्रेडिंग से पैसा कमाने के लिए निम्नलिखित कदम अनुसरण किए जा सकते हैं:

  1. विपणन शिक्षा: पहले और सबसे महत्वपूर्ण कदम है अच्छी विपणन शिक्षा प्राप्त करना। आपको ऑप्शन्स ट्रेडिंग के बारे में मूल ज्ञान, ट्रेडिंग रणनीतियाँ, विपणन तकनीकों, रिस्क-मैनेजमेंट, और मार्केट विश्लेषण का अध्ययन करना आवश्यक होगा।
  2. व्यापारिक योजना तैयार करें: एक व्यापारिक योजना बनाएं जिसमें आपके लक्ष्य, व्यापार के नियम और रणनीतियाँ, और रिस्क-मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी शामिल हो। यह योजना आपको व्यापारिक निर्णय लेने में मदद करेगी और आपको नियंत्रण और दिशा प्रदान करेगी।
  3. प्रैक्टिस करें: व्यापारिक प्रैक्टिस के लिए विज्ञापनीय खाता खोलें और वास्तविक मार्केट में ऑप्शन्स ट्रेडिंग का अभ्यास करें। इससे आप व्यापारिक रणनीतियों को परीक्षण कर सकेंगे और व्यापार के अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।
  4. रिस्क-मैनेजमेंट का ध्यान रखें: रिस्क-मैनेजमेंट बहुत महत्वपूर्ण है जब आप ऑप्शन्स ट्रेडिंग कर रहे हों। अपने व्यापार को संभालने के लिए निर्धारित स्टॉप-लॉस आदि रखें और बजट और व्यापार की मात्रा को ध्यान में रखें।
  5. शांति रखें: ऑप्शन्स ट्रेडिंग चुनौतिपूर्ण हो सकती है और बाजार में उच्च-निम्न की स्थिति रहती है। इसलिए, शांति और धैर्य रखें। भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए अपने मेंटल वेलबीइंग का ध्यान रखें।
  6. विपणन के मार्केट नियमों का पालन करें: विपणन के नियमों और शर्तों का पालन करें और नजरअंदाज न करें। मार्केट में उपलब्ध जानकारी और विपणन के अनुसार निर्णय लें।

FAQ

ऑप्शन्स ट्रेडिंग क्या होती है?
    • ऑप्शन्स ट्रेडिंग एक वित्तीय उपक्रम है जिसमें आप एक विनिमय या संविदा के आधार पर किसी संपत्ति को खरीदने या बेचने का अधिकार खरीदते हैं। यह एक मुद्रा, स्टॉक, या कमोडिटी के मूल्य पर निर्धारित होता है और निर्धारित मेयर के अनुसार समय सीमा रखा जाता है।

कॉल ऑप्शन क्या होती है?

    • कॉल ऑप्शन एक प्रकार का ऑप्शन होता है जिसमें आपको संबंधित संपत्ति को निर्धारित मूल्य पर खरीदने का अधिकार होता है। इसका उपयोग उच्च मान्यता वाली कीमत के वृद्धि के लिए किया जाता है।

पुट ऑप्शन क्या होती है?

    • पुट ऑप्शन एक प्रकार का ऑप्शन होता है जिसमें आपको संबंधित संपत्ति को निर्धारित मूल्य पर खरीदने का अधिकार होता है। इसका उपयोग उच्च मान्यता वाली कीमत के घटाव के लिए किया जाता है।

ऑप्शन्स ट्रेडिंग के लिए निवेश की संख्या कीमत कैसे निर्धारित होती है?

    • options trading में निवेश की संख्या कीमत या प्रीमियम के माध्यम से निर्धारित होती है। प्रीमियम विपणन ऑप्शन की कीमत होती है जिसे आपको उसके खरीदने के लिए चुकाना होता है।

options trading के लिए रिस्क कैसे प्रबंधित किया जाता है?

    • options trading में रिस्क प्रबंधन करना महत्वपूर्ण है। रिस्क को प्रबंधित करने के लिए, आपको निवेश की सीमा तय करनी चाहिए, स्टॉप-लॉस आदि की स्थापना करनी चाहिए और विपणन की समय सीमा का पालन करना चाहिए।
ऑप्शन्स ट्रेडिंग के लिए कितना पैसा चाहिए?
    • ऑप्शन्स ट्रेडिंग में आपके पास निवेश करने के लिए वित्तीय संसाधन होने चाहिए। आपकी आर्थिक स्थिति, निवेश के उद्देश्य और आपकी निवेश क्षमता पर निर्भर करता है। एक सत्यापित वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें और अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार निवेश की राशि निर्धारित करें।

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